तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

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कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है

मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै

हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं

हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!

जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै

कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है

मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै

हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं

हमारी बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!

जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै