हक़ीक़त क्या है आँखों के सामने नजर आता है धोखे खाने से तजुर्बा अक़्सर बढ़ जाता है!

हक़ीक़त क्या है आँखों के सामने नजर आता है धोखे खाने से तजुर्बा अक़्सर बढ़ जाता है!

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तुम खास थे इसलिए लड़े तुमसे, पराये होते तो मुस्कुरा कर जाने देते।

धोखा देने वाले को भी धोखा हीं मिलता है.

धोखा तो हम भी दे सकते थे पर उस खेल में मजा नहीं ।। जिस खेल को खेलने से दिल टूटे ?

इश्क किया था, अब चीखें भी गाएंगे, तेरी बेवफाई का जिक्र ना उठे, हम आँसू लेकर शहर मे मुस्कुराएंगे, ❤?❤

जिन्दगी से दोस्ती कर लीजिए क्योंकि एक यही हैं जिस पर आप पूरी तरह से विश्वास कर सकते हैं, हालाँकि यह भी धोखा देती हैं लेकिन सिर्फ एक बार|

सच कहे तो दिल हमारा मोहब्बत का समंदर है तेरे हज़ार धोके के बाद भी तुझ पर मरता है

तुम खास थे इसलिए लड़े तुमसे, पराये होते तो मुस्कुरा कर जाने देते।

धोखा देने वाले को भी धोखा हीं मिलता है.

धोखा तो हम भी दे सकते थे पर उस खेल में मजा नहीं ।। जिस खेल को खेलने से दिल टूटे ?

इश्क किया था, अब चीखें भी गाएंगे, तेरी बेवफाई का जिक्र ना उठे, हम आँसू लेकर शहर मे मुस्कुराएंगे, ❤?❤

जिन्दगी से दोस्ती कर लीजिए क्योंकि एक यही हैं जिस पर आप पूरी तरह से विश्वास कर सकते हैं, हालाँकि यह भी धोखा देती हैं लेकिन सिर्फ एक बार|

सच कहे तो दिल हमारा मोहब्बत का समंदर है तेरे हज़ार धोके के बाद भी तुझ पर मरता है