इस बार मत बख़्शना, मौक़ा मिले तो.. तुम भी धोखा देना, धोखा मिले तो !! वफ़ा की जगह बेवफाई ने ली है विश्वास की जगह अब मक्कारी ने ली है बचकर रहना है अब इस दुनिया से क्योंकि प्यार की जगह अब धोखे ने ली है….
तुम खास थे इसलिए लड़े तुमसे, पराये होते तो मुस्कुरा कर जाने देते।
खुद को मैंने उसमें, मैं तो नहीं मिला कहीं, मिला तो बस धोखा, जिससे उठ गया भरोसा, प्यार पर से मेरा..!!
अगर किसी ने आपको कभी धोखा दिया हो, तो उसी बात के लिए अक्सर आंसू बहाना मुर्खता है.
दिवारों के पीछे क्या किरदार हूँ मै? यह राज़ मेरे आंगन तक को नहीं पता है, तुम बस इतना समझ लो इश्क मे बरबाद हो गया, उसका नाम क्या था यह किसी और दिन बताएंगे,
जो एक बार धोखा दे चुका हो, उससे फिर धोखा खाना महामूर्खता है.
इस बार मत बख़्शना, मौक़ा मिले तो.. तुम भी धोखा देना, धोखा मिले तो !! वफ़ा की जगह बेवफाई ने ली है विश्वास की जगह अब मक्कारी ने ली है बचकर रहना है अब इस दुनिया से क्योंकि प्यार की जगह अब धोखे ने ली है….
तुम खास थे इसलिए लड़े तुमसे, पराये होते तो मुस्कुरा कर जाने देते।
खुद को मैंने उसमें, मैं तो नहीं मिला कहीं, मिला तो बस धोखा, जिससे उठ गया भरोसा, प्यार पर से मेरा..!!
अगर किसी ने आपको कभी धोखा दिया हो, तो उसी बात के लिए अक्सर आंसू बहाना मुर्खता है.
दिवारों के पीछे क्या किरदार हूँ मै? यह राज़ मेरे आंगन तक को नहीं पता है, तुम बस इतना समझ लो इश्क मे बरबाद हो गया, उसका नाम क्या था यह किसी और दिन बताएंगे,
जो एक बार धोखा दे चुका हो, उससे फिर धोखा खाना महामूर्खता है.