जब मेरे पीछे मेरे भाई का साथ हैं तो मेरे हौसले किस प्रकार बुलंदियों को छूने से डर सकते हैं।
#भाई-भाई के रिश्ते तब ख़ास# होते हैं, जब दोनों #हमेशा साथ होते हैं
#भाई के जैसा प्यार# ना हम# किसी को कर सकते है ना कोई हमे# कर सकता है |
भाई से ही शुरू होती मेरी दुनिया हैं, और भाई पर ही आकर ख़त्म होती मेरी यह दुनिया है। – Love You Bhai
मेरी #ख़ुशियाँ भी मेरें उन #भैया के नाम लिखजों गर्मी में छाँव# बनकर अपने माता पिता की #खिदमत करे.
#भाई पर मुसीबत आये तो #भाई संभाल लेता हैं, दम #इतना होता है कि पीछे #हटने का नाम नहीं लेता हैं |
जब मेरे पीछे मेरे भाई का साथ हैं तो मेरे हौसले किस प्रकार बुलंदियों को छूने से डर सकते हैं।
#भाई-भाई के रिश्ते तब ख़ास# होते हैं, जब दोनों #हमेशा साथ होते हैं
#भाई के जैसा प्यार# ना हम# किसी को कर सकते है ना कोई हमे# कर सकता है |
भाई से ही शुरू होती मेरी दुनिया हैं, और भाई पर ही आकर ख़त्म होती मेरी यह दुनिया है। – Love You Bhai
मेरी #ख़ुशियाँ भी मेरें उन #भैया के नाम लिखजों गर्मी में छाँव# बनकर अपने माता पिता की #खिदमत करे.
#भाई पर मुसीबत आये तो #भाई संभाल लेता हैं, दम #इतना होता है कि पीछे #हटने का नाम नहीं लेता हैं |