जैसे तुम सोचते हो वैसे हम है नहीं और जैसे हम है वैसा तुम सोच भी नहीं सकते
हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है
औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है
शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते
तुम्हारी अकड़ में कुछ इस तरह से तोडूंगा सच कहता हूँ कहीं का नही छोडूंगा
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती
जैसे तुम सोचते हो वैसे हम है नहीं और जैसे हम है वैसा तुम सोच भी नहीं सकते
हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है
औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है
शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते
तुम्हारी अकड़ में कुछ इस तरह से तोडूंगा सच कहता हूँ कहीं का नही छोडूंगा
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती