किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |

किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |

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वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है

हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है

सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं

गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई

डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।

जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..

वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है

हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है

सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं

गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई

डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।

जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..