पैसा आपके लिए खुशियाँ नहीं खरीद सकता लेकिन वो दुःख को कुछ सुखद रूप में अनुभव करा सकता है.
याद रखिये ख़ुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप कौन हैं या आपके पास क्या है; ये पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि आप क्या सोचते हैं.
वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है. इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए.
लोग केहते हैं कि पैसा खुशियों की चाभी नहीं है, पर मैंने हमेशा पाया है कि यदि आपके पास पैसा है तो आप एक चाभी बनवा सकते हैं.
छोटी छोटी बातो मे आनंद खोजना चाहिए क्योकि बङी बङी तो जीवन मे कुछ ही होती है।
किसी को अधिकार नहीं है कि वो बिना ख़ुशी पैदा किये उसका उपभोग करे .
पैसा आपके लिए खुशियाँ नहीं खरीद सकता लेकिन वो दुःख को कुछ सुखद रूप में अनुभव करा सकता है.
याद रखिये ख़ुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप कौन हैं या आपके पास क्या है; ये पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि आप क्या सोचते हैं.
वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है. इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए.
लोग केहते हैं कि पैसा खुशियों की चाभी नहीं है, पर मैंने हमेशा पाया है कि यदि आपके पास पैसा है तो आप एक चाभी बनवा सकते हैं.
छोटी छोटी बातो मे आनंद खोजना चाहिए क्योकि बङी बङी तो जीवन मे कुछ ही होती है।
किसी को अधिकार नहीं है कि वो बिना ख़ुशी पैदा किये उसका उपभोग करे .