जब महत्त्वाकांक्षाएं ख़तम होती हैं, तब ख़ुशी शुरू होती है.
लोग केहते हैं कि पैसा खुशियों की चाभी नहीं है, पर मैंने हमेशा पाया है कि यदि आपके पास पैसा है तो आप एक चाभी बनवा सकते हैं.
रब बुरी नज़र से बचाये आपको, चाँद सितारो से सजाये आपको, गम क्या होता है आप भूल ही जाये, खुदा ज़िन्दगी में इतना हसाये आपको…
प्रसन्नता कोई पहले से निर्मित वास्तु नहीं है. वो आपके कर्मो से आती है.
जब आप किसी काम की शुरुआत करें, तो असफलता से मत डरें और उस काम को ना छोड़ें. जो लोग इमानदारी से काम करते हैं वो सबसे प्रसन्न होते हैं.
याद रखिये ख़ुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप कौन हैं या आपके पास क्या है; ये पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि आप क्या सोचते हैं.
जब महत्त्वाकांक्षाएं ख़तम होती हैं, तब ख़ुशी शुरू होती है.
लोग केहते हैं कि पैसा खुशियों की चाभी नहीं है, पर मैंने हमेशा पाया है कि यदि आपके पास पैसा है तो आप एक चाभी बनवा सकते हैं.
रब बुरी नज़र से बचाये आपको, चाँद सितारो से सजाये आपको, गम क्या होता है आप भूल ही जाये, खुदा ज़िन्दगी में इतना हसाये आपको…
प्रसन्नता कोई पहले से निर्मित वास्तु नहीं है. वो आपके कर्मो से आती है.
जब आप किसी काम की शुरुआत करें, तो असफलता से मत डरें और उस काम को ना छोड़ें. जो लोग इमानदारी से काम करते हैं वो सबसे प्रसन्न होते हैं.
याद रखिये ख़ुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप कौन हैं या आपके पास क्या है; ये पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि आप क्या सोचते हैं.