अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है
तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं
अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता
हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं
अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है
तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं
अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता
हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं