आज लफ्जों को मैने शाम की चाय पे बुलाया है. बन गयी बात तो ग़ज़ल भी हो सकती है.

आज लफ्जों को मैने शाम की चाय पे बुलाया है. बन गयी बात तो ग़ज़ल भी हो सकती है.

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दूर जाने से प्यार कम नहीं होता, और बात न होने से याद आना बंद नहीं होता। सुप्रभात

जिंदगी मे हर काम तब आसान लगने लगता है, जब तुम्हारे अंदर से आवाज आती है, “तूम ये कर सकते हो।” सुप्रभात

जिसे कोई डांट ने वाला नही होता, उसे कोई प्यार करने वाला भी नहीं होता। सुप्रभात

कैसे कह दूँ जिंदगी से कि बदले में कुछ नहीं मिला, सबक भी कोई छोटी चीज तो नहीं होती है जनाब!!..

जीवन मे प्रेम से ज्यादा कर्तव्य बड़ा होता है। शुभ प्रभात

अगर नसीब कुछ अच्छा देना चाहता है, तो उसकी शुरुआत भी कठिनाई से होती है। सुप्रभात

दूर जाने से प्यार कम नहीं होता, और बात न होने से याद आना बंद नहीं होता। सुप्रभात

जिंदगी मे हर काम तब आसान लगने लगता है, जब तुम्हारे अंदर से आवाज आती है, “तूम ये कर सकते हो।” सुप्रभात

जिसे कोई डांट ने वाला नही होता, उसे कोई प्यार करने वाला भी नहीं होता। सुप्रभात

कैसे कह दूँ जिंदगी से कि बदले में कुछ नहीं मिला, सबक भी कोई छोटी चीज तो नहीं होती है जनाब!!..

जीवन मे प्रेम से ज्यादा कर्तव्य बड़ा होता है। शुभ प्रभात

अगर नसीब कुछ अच्छा देना चाहता है, तो उसकी शुरुआत भी कठिनाई से होती है। सुप्रभात