आज लफ्जों को मैने शाम की चाय पे बुलाया है. बन गयी बात तो ग़ज़ल भी हो सकती है.

आज लफ्जों को मैने शाम की चाय पे बुलाया है. बन गयी बात तो ग़ज़ल भी हो सकती है.

Share:

More Like This

जिंदगी के हर छोटी छोटी चीजों मे समाधान ढूँढिए, और खुश रहना सीखिये। सुप्रभात

ये चाय की मोहब्बत तुम क्या जानो, हर घूँट में सोचते हैं आपको बड़ी तसस्ली के साथ.

एक तेरा ख़्याल ही तो है मेरे पास. वरना कौन अकेले में बैठे कर चाय पीता है. Good Morning

इतना गुमान मत रखो गोरे रंग का हम दूध से ज़ादा चाय के दीवाने हैं।

नया सवेरा है नयी सुबह है नए दिन की उमंग बहुत है खोल दो आँखें अब तुम भी जल्दी से बिन तेरे हर लम्हा मुश्किल है GOOD MORNING

जिंदगी मे मिलने वाले सभी लोग एक जैसे नहीं होते, कोई हमसे प्रेम करता है तो कोई हमे ठुकराता है। लेकिन हमे हमेशा खुश रहना चाहिए। सुप्रभात

जिंदगी के हर छोटी छोटी चीजों मे समाधान ढूँढिए, और खुश रहना सीखिये। सुप्रभात

ये चाय की मोहब्बत तुम क्या जानो, हर घूँट में सोचते हैं आपको बड़ी तसस्ली के साथ.

एक तेरा ख़्याल ही तो है मेरे पास. वरना कौन अकेले में बैठे कर चाय पीता है. Good Morning

इतना गुमान मत रखो गोरे रंग का हम दूध से ज़ादा चाय के दीवाने हैं।

नया सवेरा है नयी सुबह है नए दिन की उमंग बहुत है खोल दो आँखें अब तुम भी जल्दी से बिन तेरे हर लम्हा मुश्किल है GOOD MORNING

जिंदगी मे मिलने वाले सभी लोग एक जैसे नहीं होते, कोई हमसे प्रेम करता है तो कोई हमे ठुकराता है। लेकिन हमे हमेशा खुश रहना चाहिए। सुप्रभात