किस हक से तुझे चाय पर बुलाऊं तुंम मेरे होने का कभी दावा तो करो.
झूठा प्यार सुंदरता खतम होने तक साथ देता है, लेकिन सच्चा प्यार जीवन के अंत तक साथ देता है। सुप्रभात
ख्वाहिशें कम हों, तो आ जाती है नींद पत्थरों पर भी, वरना बहुत चुभता है, मखमल का बिस्तर भी जय श्री राम जी
नया सवेरा है नयी सुबह है नए दिन की उमंग बहुत है खोल दो आँखें अब तुम भी जल्दी से बिन तेरे हर लम्हा मुश्किल है GOOD MORNING
इतना गुमान मत रखो गोरे रंग का हम दूध से ज़ादा चाय के दीवाने हैं।
दूर जाने से प्यार कम नहीं होता, और बात न होने से याद आना बंद नहीं होता। सुप्रभात
किस हक से तुझे चाय पर बुलाऊं तुंम मेरे होने का कभी दावा तो करो.
झूठा प्यार सुंदरता खतम होने तक साथ देता है, लेकिन सच्चा प्यार जीवन के अंत तक साथ देता है। सुप्रभात
ख्वाहिशें कम हों, तो आ जाती है नींद पत्थरों पर भी, वरना बहुत चुभता है, मखमल का बिस्तर भी जय श्री राम जी
नया सवेरा है नयी सुबह है नए दिन की उमंग बहुत है खोल दो आँखें अब तुम भी जल्दी से बिन तेरे हर लम्हा मुश्किल है GOOD MORNING
इतना गुमान मत रखो गोरे रंग का हम दूध से ज़ादा चाय के दीवाने हैं।
दूर जाने से प्यार कम नहीं होता, और बात न होने से याद आना बंद नहीं होता। सुप्रभात