मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ
अगर आपका आसमान वाले से मजबूत रिश्ता है, तो आपका जमीन वाले कुछ नही बिगाड़ सकतें हैं...
गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई
मैं तोह पहले से ही बिगड़ा हुआ हु तुम जैसे मेरा क्या बिगाड़ लोगे
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ
अगर आपका आसमान वाले से मजबूत रिश्ता है, तो आपका जमीन वाले कुछ नही बिगाड़ सकतें हैं...
गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई