सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!