क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।
मौत का डर उनको लगता है, जिनके कर्मों मे दाग है । हम तो महाकाल के भक्त है, हमारे तो खून में ही आग है । ?Jai Shree Mahakal?
बदलता तो हर जीव है और जो ना बदले वह तो शिव है जय भोले, जय महाकाल
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
किसी दिन जान लेके छोड़ेगी, ये तेरी यादे ओर हिचकियां महादेव।
मौत का डर उनको लगता है, जिनके कर्मों मे दाग है । हम तो महाकाल के भक्त है, हमारे तो खून में ही आग है । ?Jai Shree Mahakal?
बदलता तो हर जीव है और जो ना बदले वह तो शिव है जय भोले, जय महाकाल
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.