जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर
कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नमः शिवायः।।
मैं और मेरा भोलेनाथ दोनो ही बड़े भुलक्कड़ है, वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है, और मैं उनकी महेरबानियाँ… ?Mahadev?
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ?Har Har Mahadev?
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर
कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नमः शिवायः।।
मैं और मेरा भोलेनाथ दोनो ही बड़े भुलक्कड़ है, वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है, और मैं उनकी महेरबानियाँ… ?Mahadev?
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ?Har Har Mahadev?
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!