छल में बेशक बल है लेकिन मेरे महाकाल के पास सबका हल है
बदलता तो हर जीव है और जो ना बदले वह तो शिव है जय भोले, जय महाकाल
मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
तुझसे क्या बताऊ अपने मन की #शिवाय♥️ तू तो सब जानता है…! एक तू ही है जो मेरी नस नस पहचानता है…!! खामोशियों मे भी मेरे अल्फाज़ हो रहे हैं बयां..!!? ये तेरा बच्चा तेरे चरणों मैं जीवन भर की शरण चाहता है..?
छल में बेशक बल है लेकिन मेरे महाकाल के पास सबका हल है
बदलता तो हर जीव है और जो ना बदले वह तो शिव है जय भोले, जय महाकाल
मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
तुझसे क्या बताऊ अपने मन की #शिवाय♥️ तू तो सब जानता है…! एक तू ही है जो मेरी नस नस पहचानता है…!! खामोशियों मे भी मेरे अल्फाज़ हो रहे हैं बयां..!!? ये तेरा बच्चा तेरे चरणों मैं जीवन भर की शरण चाहता है..?