मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..
समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..
समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं