धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती
परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
हालात सीखा देती है बाते सुनना और सहना वरना हर शख़्स अपने आप में बादशाह होता है |
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना
धोखा देने के लिए शुक्रिया तुम ना मिलते तो दुनिया समझ में ना आती
परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो
मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो
हालात सीखा देती है बाते सुनना और सहना वरना हर शख़्स अपने आप में बादशाह होता है |
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
अकड़ बहुत हैं हमने माना, तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना