आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..

आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..

Share:

More Like This

झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है

ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥

मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ

शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा

जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी

झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है

ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥

मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ

शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा

जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी