न ही सजा और न ही माफ़ी…., चमचों के लिए अपनी Selfie ही हैं काफी
हम उतना ही किसी को बर्बाद करते हैं जितना सामने वाले की ओकात होती हैं.
डर हमें किसी के माय बाप से नहीं मगर ससुरी इज्जत बीच में आ जाती हैं.
दोस्तों का सम्मान इसलिए नहीं करते क्योंकि उनका अधिकार हैं बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि ये हमारे संस्कार हैं.
क्या #स्टेटस और क्या #AttiTuDe, #हम तो #SelFie भी #औरों से #खिचवाते हैं ।।
“दिखावे की मोहब्बत से अच्छा है हमसे नफरत कीजिए जनाब हम सच्चे जज्बात की बड़ी कदर करते हैं”
न ही सजा और न ही माफ़ी…., चमचों के लिए अपनी Selfie ही हैं काफी
हम उतना ही किसी को बर्बाद करते हैं जितना सामने वाले की ओकात होती हैं.
डर हमें किसी के माय बाप से नहीं मगर ससुरी इज्जत बीच में आ जाती हैं.
दोस्तों का सम्मान इसलिए नहीं करते क्योंकि उनका अधिकार हैं बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि ये हमारे संस्कार हैं.
क्या #स्टेटस और क्या #AttiTuDe, #हम तो #SelFie भी #औरों से #खिचवाते हैं ।।
“दिखावे की मोहब्बत से अच्छा है हमसे नफरत कीजिए जनाब हम सच्चे जज्बात की बड़ी कदर करते हैं”