दिल को छोड़ के फेस की फेन हुई दुनिया अब समझ आया सेल्फी वाले फोन महंगे क्यों आते हैं.
पहले आप ! नहीं पहले आप ! Oh ! सेल्फी के लिए भी ! Don’t priority.
मैं जो हूँ , हूँ , तुमसे approval की जरूरत नहीं l
दोस्तों का सम्मान इसलिए नहीं करते क्योंकि उनका अधिकार हैं बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि ये हमारे संस्कार हैं.
“मैं पैदा ही हॉट हुई थी” “मैं अपनी फेवरिट हूं” “हां.. हां.. मैं सेल्फीहॉलिक हू”
मानव को कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए क्योंकि पर्वत से निकली नदी किसी से समुद्र का रास्ता नहीं पूछती
दिल को छोड़ के फेस की फेन हुई दुनिया अब समझ आया सेल्फी वाले फोन महंगे क्यों आते हैं.
पहले आप ! नहीं पहले आप ! Oh ! सेल्फी के लिए भी ! Don’t priority.
मैं जो हूँ , हूँ , तुमसे approval की जरूरत नहीं l
दोस्तों का सम्मान इसलिए नहीं करते क्योंकि उनका अधिकार हैं बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि ये हमारे संस्कार हैं.
“मैं पैदा ही हॉट हुई थी” “मैं अपनी फेवरिट हूं” “हां.. हां.. मैं सेल्फीहॉलिक हू”
मानव को कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए क्योंकि पर्वत से निकली नदी किसी से समुद्र का रास्ता नहीं पूछती