“क्या कमाल करते हैं हमसे जलने वाले महफिल खुद की और चर्चे हमारे”

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डर हमें किसी के माय बाप से नहीं मगर ससुरी इज्जत बीच में आ जाती हैं.

आवश्यक नहीं कि हर दिन सेल्फी ही ली जाए एक बार किसी की पीड़ा को निकाल कर देखना तब सेल्फी लेना ईश्वर भी आएगे लाइक करने

प्यारा सा बचपन खेलना और धूम मचाना कुछ हम भी तस्वीर ले ले की आया सेल्फी का जमाना

न ही सजा और न ही माफ़ी…., चमचों के लिए अपनी ‪‎Selfie ही हैं काफी

शत्रु के दिल को जलाना और यार के लिए जान की बाजी लगाना ये हमारी फितरत में हैं.

राह में सैकड़ों ठोकर आ जाए कोई फ़िक्र नहीं बस फोन में सेल्फी अच्छी आनी चाहिए

डर हमें किसी के माय बाप से नहीं मगर ससुरी इज्जत बीच में आ जाती हैं.

आवश्यक नहीं कि हर दिन सेल्फी ही ली जाए एक बार किसी की पीड़ा को निकाल कर देखना तब सेल्फी लेना ईश्वर भी आएगे लाइक करने

प्यारा सा बचपन खेलना और धूम मचाना कुछ हम भी तस्वीर ले ले की आया सेल्फी का जमाना

न ही सजा और न ही माफ़ी…., चमचों के लिए अपनी ‪‎Selfie ही हैं काफी

शत्रु के दिल को जलाना और यार के लिए जान की बाजी लगाना ये हमारी फितरत में हैं.

राह में सैकड़ों ठोकर आ जाए कोई फ़िक्र नहीं बस फोन में सेल्फी अच्छी आनी चाहिए