“हमें तो कब से पता था कि तुम बेवफा हो बस तुझसे प्यार करते रहे कि शायद तुम्हारी फितरत बदल जाये।”

“हमें तो कब से पता था कि तुम बेवफा हो बस तुझसे प्यार करते रहे कि शायद तुम्हारी फितरत बदल जाये।”

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अर्ज किया है- हमने तीखी नज़रो से देखा तो वो मदहोश हो गये। जब देखा कि हम सेल्फी ले रहे थे तो खामोश हो गये॥

मानव को कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए क्योंकि पर्वत से निकली नदी किसी से समुद्र का रास्ता नहीं पूछती

सेल्फी लेते वक्त पेट को अन्दर खींचना कोई कला से कम नहीं होता

आवश्यक नहीं कि हर दिन सेल्फी ही ली जाए एक बार किसी की पीड़ा को निकाल कर देखना तब सेल्फी लेना ईश्वर भी आएगे लाइक करने

सीख जाओ वक्त पर किसी की कदर करना, शायद सेल्फी इस बात का प्रमाण है के हम जिंदगी मैं कितने अकेले है

मालूम नहीं सेल्फी लेना मजबूरी सा हो गया हैं फिलिंग गुड दिखना खुश रहने से अहम हो गया हैं.

अर्ज किया है- हमने तीखी नज़रो से देखा तो वो मदहोश हो गये। जब देखा कि हम सेल्फी ले रहे थे तो खामोश हो गये॥

मानव को कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए क्योंकि पर्वत से निकली नदी किसी से समुद्र का रास्ता नहीं पूछती

सेल्फी लेते वक्त पेट को अन्दर खींचना कोई कला से कम नहीं होता

आवश्यक नहीं कि हर दिन सेल्फी ही ली जाए एक बार किसी की पीड़ा को निकाल कर देखना तब सेल्फी लेना ईश्वर भी आएगे लाइक करने

सीख जाओ वक्त पर किसी की कदर करना, शायद सेल्फी इस बात का प्रमाण है के हम जिंदगी मैं कितने अकेले है

मालूम नहीं सेल्फी लेना मजबूरी सा हो गया हैं फिलिंग गुड दिखना खुश रहने से अहम हो गया हैं.