दोस्तों का सम्मान इसलिए नहीं करते क्योंकि उनका अधिकार हैं बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि ये हमारे संस्कार हैं.
चलों आज कुछ खास करते हैं एक सेल्फी में दोनों आते हैं.
सेल्फी हमने भी ली किसी वृद्द की पीड़ा को अपना बनाकर
पास आ तेरी आखो मे खुद को देख लू लम्बे वक्त से सेल्फी निकाली नही मैने
अपनी हर कमी को स्वीकार कर जीता हूँ किसान का बेटा हूँ हर वक्त ख़ुशी से जीता हूँ.
एक दिन में सब कुछ नहीं बना सकते, मगर एक अच्छा दिन जरुर बना सकते हैं.
दोस्तों का सम्मान इसलिए नहीं करते क्योंकि उनका अधिकार हैं बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि ये हमारे संस्कार हैं.
चलों आज कुछ खास करते हैं एक सेल्फी में दोनों आते हैं.
सेल्फी हमने भी ली किसी वृद्द की पीड़ा को अपना बनाकर
पास आ तेरी आखो मे खुद को देख लू लम्बे वक्त से सेल्फी निकाली नही मैने
अपनी हर कमी को स्वीकार कर जीता हूँ किसान का बेटा हूँ हर वक्त ख़ुशी से जीता हूँ.
एक दिन में सब कुछ नहीं बना सकते, मगर एक अच्छा दिन जरुर बना सकते हैं.