हम जो शक्ल सेल्फी के लिए बनाते है… वो वाकई मे हो तो आनन्द कुछ अलग ही हैं.
दोस्तों का सम्मान इसलिए नहीं करते क्योंकि उनका अधिकार हैं बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि ये हमारे संस्कार हैं.
न ही सजा और न ही माफ़ी…., चमचों के लिए अपनी Selfie ही हैं काफी
“हमारी रगो मे वो खून दौड़ता है जिसकी एक बूँद अगर तेजाब पर गिर जाए तो तेजाब जल जाए”
सुन पगली जितनी FB पे तेरे फ्रेंड है उससे ज्यादा तो हमारी सेल्फी पे लाईक कॉमेट है
लाइफ में किंग बनों शेर की तरह वर्ना भौकना और डराना तो कुत्ते भी जानते हैं.
हम जो शक्ल सेल्फी के लिए बनाते है… वो वाकई मे हो तो आनन्द कुछ अलग ही हैं.
दोस्तों का सम्मान इसलिए नहीं करते क्योंकि उनका अधिकार हैं बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि ये हमारे संस्कार हैं.
न ही सजा और न ही माफ़ी…., चमचों के लिए अपनी Selfie ही हैं काफी
“हमारी रगो मे वो खून दौड़ता है जिसकी एक बूँद अगर तेजाब पर गिर जाए तो तेजाब जल जाए”
सुन पगली जितनी FB पे तेरे फ्रेंड है उससे ज्यादा तो हमारी सेल्फी पे लाईक कॉमेट है
लाइफ में किंग बनों शेर की तरह वर्ना भौकना और डराना तो कुत्ते भी जानते हैं.