सेल्फी लेते वक्त पेट को अन्दर खींचना कोई कला से कम नहीं होता
डर हमें किसी के माय बाप से नहीं मगर ससुरी इज्जत बीच में आ जाती हैं.
राह में सैकड़ों ठोकर आ जाए कोई फ़िक्र नहीं बस फोन में सेल्फी अच्छी आनी चाहिए
सेल्फी हमने भी ली किसी वृद्द की पीड़ा को अपना बनाकर
“हम तो नादान है क्या समझेगे मोहब्बत का तकाजा बस तुझे चाहा था, तुझे चाहा है और तुझे ही चाहेंगे ”
लाइफ में किसकों टेंशन नहीं है मगर फिर भी हम मस्त है.
सेल्फी लेते वक्त पेट को अन्दर खींचना कोई कला से कम नहीं होता
डर हमें किसी के माय बाप से नहीं मगर ससुरी इज्जत बीच में आ जाती हैं.
राह में सैकड़ों ठोकर आ जाए कोई फ़िक्र नहीं बस फोन में सेल्फी अच्छी आनी चाहिए
सेल्फी हमने भी ली किसी वृद्द की पीड़ा को अपना बनाकर
“हम तो नादान है क्या समझेगे मोहब्बत का तकाजा बस तुझे चाहा था, तुझे चाहा है और तुझे ही चाहेंगे ”
लाइफ में किसकों टेंशन नहीं है मगर फिर भी हम मस्त है.