2018 अकेला था, 2019 अकेला हूँ, 2020 में भी अकेला रहूँगा || “समझे की नहीं?”
Single कोई नहीं होता बस लोग “चुपकेँ से” प्यार करते है
आज भी मैँ अकेली हूँ, नसीब ही ख़राब है, मेरा नहीं लड़को का . आज तक IMPRESS ही नहीं कर पाया कोई ||
गीदड़ हमेशा झुंड में शिकार करते हैं और शेर अकेले शिकार करता हैं ||
वो बोली : तुम Single क्यों हो? मै बोला: संस्कार ||
सस्ती चिलम और घटिया लोग शुरू-शुरू में बहुत मीठे लगते हैं. और बाद में ज़हर इसी लिए मैं सिंगल रहता हूँ ||
2018 अकेला था, 2019 अकेला हूँ, 2020 में भी अकेला रहूँगा || “समझे की नहीं?”
Single कोई नहीं होता बस लोग “चुपकेँ से” प्यार करते है
आज भी मैँ अकेली हूँ, नसीब ही ख़राब है, मेरा नहीं लड़को का . आज तक IMPRESS ही नहीं कर पाया कोई ||
गीदड़ हमेशा झुंड में शिकार करते हैं और शेर अकेले शिकार करता हैं ||
वो बोली : तुम Single क्यों हो? मै बोला: संस्कार ||
सस्ती चिलम और घटिया लोग शुरू-शुरू में बहुत मीठे लगते हैं. और बाद में ज़हर इसी लिए मैं सिंगल रहता हूँ ||