अंदाज़े से मत नापिये हमारी हस्ती को, ठहरे हुए समुन्दर अक्सर गहरे होते हैं
रहना है तो मेरा रहे वरना जिसका होना हो, हो ले अब कोई मगजमारी नहीं.
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है
अंदाज़े से मत नापिये हमारी हस्ती को, ठहरे हुए समुन्दर अक्सर गहरे होते हैं
रहना है तो मेरा रहे वरना जिसका होना हो, हो ले अब कोई मगजमारी नहीं.
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है