अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
जैसी DP वैसा मैं !!
तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना
दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है
हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है
घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
जैसी DP वैसा मैं !!
तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना
दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है
हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है
घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है