बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
ज़माने की नज़र में थोड़ा सा अकड़ कर चलना सीख लो दोस्त मोम जैसा दिल लेकर फिरोगे तो लोग जलाते ही रहेगें
अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता
अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा
सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
बेटा प्यार से झुका सकता है हथियार से नहीं धोखे से मार सकता है वार से नहीं
ज़माने की नज़र में थोड़ा सा अकड़ कर चलना सीख लो दोस्त मोम जैसा दिल लेकर फिरोगे तो लोग जलाते ही रहेगें
अगर नियत अच्छी हो तो नसीब कभी बुरा नहीं होता
अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा
सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....