गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
मौत का खौफ उन्हें दिखाओ जो ज़िन्दगी से प्यार करते है हम ऐसे नवाब है जो हमेशा मौत का इंतज़ार करते है
उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं
गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं
वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे, अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !
वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
मौत का खौफ उन्हें दिखाओ जो ज़िन्दगी से प्यार करते है हम ऐसे नवाब है जो हमेशा मौत का इंतज़ार करते है
उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं
गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं
वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे, अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !
वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है