हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है
हम बाते हालत के हिसाब से करते है
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है
हम बाते हालत के हिसाब से करते है
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..
अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं