खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो
Ek वो pagali हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे Status ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है
औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है
दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा… वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं
खेल ताश का हो या जिंदगी का, अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो
Ek वो pagali हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे Status ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है
औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है
दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा… वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं