सीने में जिगर रखना पड़ता है छोटे हाथ में घोडा रखने से हर कोई बस्ती का रघु नहीं बन जाता
तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है
औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा
में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
सीने में जिगर रखना पड़ता है छोटे हाथ में घोडा रखने से हर कोई बस्ती का रघु नहीं बन जाता
तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है
औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा
में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है