फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती

फर्क तोह अपनी अपनी सोच मै है जनाब वरना दोस्ती भी मोहब्बत सेह कम नहीं होती

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अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा

तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!

तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा

तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!

तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो