कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला पर हम डूबने वालो का जज़्बा भी नहीं बदला है शौक-ए-सफ़र ऐसा, कि एक उम्र से हमने मंज़िल भी नहीं पायी और रस्ता भी नहीं बदला

कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला पर हम डूबने वालो का जज़्बा भी नहीं बदला है शौक-ए-सफ़र ऐसा, कि एक उम्र से हमने मंज़िल भी नहीं पायी और रस्ता भी नहीं बदला

Share:

More Like This

भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।

चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।

भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।

"हर इंसान में कुछ न कुछ प्रतिभा होती है लेकिन अक्सर लोग इसे दूसरों के जैसा बनने में नष्ट कर देते हैं"

ज़िंदगी में जो हम चाहते हैं वो आसानी से नहीं मिलता, लेकिन ज़िंदगी का एक सच यह भी है कि जो हम चाहते वो आसान नहीं होता

जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले लौट कर सिर्फ यादें आती हैं वक़त नहीं

भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।

चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।

भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।

"हर इंसान में कुछ न कुछ प्रतिभा होती है लेकिन अक्सर लोग इसे दूसरों के जैसा बनने में नष्ट कर देते हैं"

ज़िंदगी में जो हम चाहते हैं वो आसानी से नहीं मिलता, लेकिन ज़िंदगी का एक सच यह भी है कि जो हम चाहते वो आसान नहीं होता

जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले लौट कर सिर्फ यादें आती हैं वक़त नहीं