हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

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माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं

अब तो वो होगा जो दिल फरमाए गा बाद में जो होगा देखा जाए गा

वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है

माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं

अब तो वो होगा जो दिल फरमाए गा बाद में जो होगा देखा जाए गा

वक़्त वक़्त की बात है, हर कोई मतलब तक साथ है

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है