हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

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मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है

ऐसी वैसी बात पर धयान मत दो बाप है तुम्हारे हमे ज्ञान मत दो

धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं

मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है

ऐसी वैसी बात पर धयान मत दो बाप है तुम्हारे हमे ज्ञान मत दो

धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं