हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

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गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।

सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो

ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा

जिगर बड़ा था इसलिए टकराने आ गए, जो हमे नहीं जानते उन्हे भी तोह पता चले के जंगल में शेर पुराने आ गए

तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं

गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है।

सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो

ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा

जिगर बड़ा था इसलिए टकराने आ गए, जो हमे नहीं जानते उन्हे भी तोह पता चले के जंगल में शेर पुराने आ गए

तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं