हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

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गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है

तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं

ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

सबर कर रहा हूं मुसीबत के दिन गुजर जाने दो, आज जो देखकर हंसते हैं कल बस देखते रह जाएंगे

गिरना अच्छा है औकात पता लगती है, कौन अपने साथ है ये बात पता लगती है

जिंदगी में भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वज़न से डूब जाता है

तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं

ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

सबर कर रहा हूं मुसीबत के दिन गुजर जाने दो, आज जो देखकर हंसते हैं कल बस देखते रह जाएंगे