हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

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दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं

हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है

वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे, जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे, क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं

हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है

वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे