हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

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मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे

औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |

फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं

हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये

मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे

औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |

फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं

हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये