हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

Share:

More Like This

अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं

अभी उड़ने दो इन कबूतरों को जब हम आएंगे आसमान खुद ही खाली हो जायेगा

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा

लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं

कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे

अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं

अभी उड़ने दो इन कबूतरों को जब हम आएंगे आसमान खुद ही खाली हो जायेगा

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा

लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं

कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से, जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे