खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
जिनकी पहचान बनी मेरी वजह से आज वह मुझे ही नहीं पहचानते
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता
फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
जिनकी पहचान बनी मेरी वजह से आज वह मुझे ही नहीं पहचानते
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
नाराज़ है तो नाराज़ ही रहने दो किसीके पैरों में गिरकर जिना हमें नहीं आता
फैसले सबके होंगे हुज़ूर, बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये