औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

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नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..

जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..

मुँह पर सच बोलने की आदत है इसलिए मै बहुत बत्तमीज हूँ.

शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..

लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है, खुदा न अपना हिसाब से ..

जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..

मुँह पर सच बोलने की आदत है इसलिए मै बहुत बत्तमीज हूँ.

शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..

लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं