औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी, थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

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बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु

फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है

बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…

अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु

फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में, तुमने उस्तादों से सीखा है, मैंने हलातो से सीखा है