अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए
मित्र वो होता है जो आपको जाने और आपको उसी रूप में चाहे
एक सच्चा मित्र वो है जो उस वक़्त आपके साथ खड़ा है जब उसे कहीं और होना चाहिए था
अपनी एक ही पहचान है हस्ता चेहरा शराबी आँखें नवाबी शान और दोस्तों के लिए जान
दोस्ती खास लोगों से नहीं होती है, जिनसे एक बार हो जाती है तो वही लोग सबसे खास बन जाते हैं.
अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए
मित्र वो होता है जो आपको जाने और आपको उसी रूप में चाहे
एक सच्चा मित्र वो है जो उस वक़्त आपके साथ खड़ा है जब उसे कहीं और होना चाहिए था
अपनी एक ही पहचान है हस्ता चेहरा शराबी आँखें नवाबी शान और दोस्तों के लिए जान
दोस्ती खास लोगों से नहीं होती है, जिनसे एक बार हो जाती है तो वही लोग सबसे खास बन जाते हैं.