दोस्त बेशक एक हो लेकिन ऐसा वह जो अल्फाज से ज्यादा खामोशी को समझे
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए
उन दिनों को याद करके हम मुस्कुराने लगते है, अपने दोस्तों की दोस्ती पे इतराने लगते है।
जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है
हम वक्त और हालात के साथ ‘शौक’ बदलते हैं, दोस्त नही … !!
आपकी दोस्ती हमारे सुरों का साज है, आप जैसे दोस्त पर हमें नाज़ है, चाहे कुछ भी हो जाये जिंदगी में, दोस्ती कल भी वैसी ही रहेगी, जैसी आज है.
दोस्त बेशक एक हो लेकिन ऐसा वह जो अल्फाज से ज्यादा खामोशी को समझे
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए
उन दिनों को याद करके हम मुस्कुराने लगते है, अपने दोस्तों की दोस्ती पे इतराने लगते है।
जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है
हम वक्त और हालात के साथ ‘शौक’ बदलते हैं, दोस्त नही … !!
आपकी दोस्ती हमारे सुरों का साज है, आप जैसे दोस्त पर हमें नाज़ है, चाहे कुछ भी हो जाये जिंदगी में, दोस्ती कल भी वैसी ही रहेगी, जैसी आज है.