उन दिनों को याद करके हम मुस्कुराने लगते है, अपने दोस्तों की दोस्ती पे इतराने लगते है।

उन दिनों को याद करके हम मुस्कुराने लगते है, अपने दोस्तों की दोस्ती पे इतराने लगते है।

Share:

More Like This

अपनी एक ही पहचान है हस्ता चेहरा शराबी आँखें नवाबी शान और दोस्तों के लिए जान

ना किसी से जलते है ना किसी से डरते है हम लड़कियों पर नहीं अपने दोस्तों पर मरते है

कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.

आपकी दोस्ती हमारे सुरों का साज है, आप जैसे दोस्त पर हमें नाज़ है, चाहे कुछ भी हो जाये जिंदगी में, दोस्ती कल भी वैसी ही रहेगी, जैसी आज है.

*दोस्त बेशक एक हो* *लेकिन ऐसा हो,* *जो अलफाज से ज्यादा* *खामोशी को समझें*

अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,

अपनी एक ही पहचान है हस्ता चेहरा शराबी आँखें नवाबी शान और दोस्तों के लिए जान

ना किसी से जलते है ना किसी से डरते है हम लड़कियों पर नहीं अपने दोस्तों पर मरते है

कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.

आपकी दोस्ती हमारे सुरों का साज है, आप जैसे दोस्त पर हमें नाज़ है, चाहे कुछ भी हो जाये जिंदगी में, दोस्ती कल भी वैसी ही रहेगी, जैसी आज है.

*दोस्त बेशक एक हो* *लेकिन ऐसा हो,* *जो अलफाज से ज्यादा* *खामोशी को समझें*

अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,