अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,

अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,

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हम वक्त और हालात के साथ ‘शौक’ बदलते हैं, दोस्त नही … !!

हर कदम पर इम्तिहान लेती है ज़िन्दगी, हर वक़्त नया सदमा देती है ज़िन्दगी, हम ज़िन्दगी से क्या शिकवा करे, आप जैसे दोस्त भी तो देती है ज़िन्दगी.

कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए

दोस्ती खास लोगों से नहीं होती है, जिनसे एक बार हो जाती है तो वही लोग सबसे खास बन जाते हैं.

उन दिनों को याद करके हम मुस्कुराने लगते है, अपने दोस्तों की दोस्ती पे इतराने लगते है।

जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है

हम वक्त और हालात के साथ ‘शौक’ बदलते हैं, दोस्त नही … !!

हर कदम पर इम्तिहान लेती है ज़िन्दगी, हर वक़्त नया सदमा देती है ज़िन्दगी, हम ज़िन्दगी से क्या शिकवा करे, आप जैसे दोस्त भी तो देती है ज़िन्दगी.

कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए

दोस्ती खास लोगों से नहीं होती है, जिनसे एक बार हो जाती है तो वही लोग सबसे खास बन जाते हैं.

उन दिनों को याद करके हम मुस्कुराने लगते है, अपने दोस्तों की दोस्ती पे इतराने लगते है।

जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है