मोहब्बत को धोखा दोस्ती को प्यार मानता हु जो भी भाई बोल दे उसे जिगरी यार मानता हु
मित्र वो होता है जो आपको जाने और आपको उसी रूप में चाहे
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.
बेशक थोड़ा इंतजार मिला हमको, पर दुनिया का सबसे हसीं यार मिला हमको, न रही तमन्ना अब किसी जन्नत की, तेरी दोस्ती में वो प्यार मिला हमको
सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा
अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,
मोहब्बत को धोखा दोस्ती को प्यार मानता हु जो भी भाई बोल दे उसे जिगरी यार मानता हु
मित्र वो होता है जो आपको जाने और आपको उसी रूप में चाहे
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.
बेशक थोड़ा इंतजार मिला हमको, पर दुनिया का सबसे हसीं यार मिला हमको, न रही तमन्ना अब किसी जन्नत की, तेरी दोस्ती में वो प्यार मिला हमको
सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा
अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,