दोस्त बेशक एक हो लेकिन ऐसा वह जो अल्फाज से ज्यादा खामोशी को समझे

दोस्त बेशक एक हो लेकिन ऐसा वह जो अल्फाज से ज्यादा खामोशी को समझे

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अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,

खुदा ने मुझे वफादार दोस्तों से नवाज़ा है याद मैं ना करूँ, तो कोशिश वो भी नहीं करते

मोहब्बत को धोखा दोस्ती को प्यार मानता हु जो भी भाई बोल दे उसे जिगरी यार मानता हु

एक सच्चा मित्र वो है जो उस वक़्त आपके साथ खड़ा है जब उसे कहीं और होना चाहिए था

जिंदगी में बेशक हर मौके का फायदा उठाओ.. मगर, किसी के भरोसे का फ़ायदा नहीं..

जरूरी नही की रिलेशनशिप ही हो कुछ लोगो की दोस्ती भी प्यार से बढ़कर होती है

अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,

खुदा ने मुझे वफादार दोस्तों से नवाज़ा है याद मैं ना करूँ, तो कोशिश वो भी नहीं करते

मोहब्बत को धोखा दोस्ती को प्यार मानता हु जो भी भाई बोल दे उसे जिगरी यार मानता हु

एक सच्चा मित्र वो है जो उस वक़्त आपके साथ खड़ा है जब उसे कहीं और होना चाहिए था

जिंदगी में बेशक हर मौके का फायदा उठाओ.. मगर, किसी के भरोसे का फ़ायदा नहीं..

जरूरी नही की रिलेशनशिप ही हो कुछ लोगो की दोस्ती भी प्यार से बढ़कर होती है