ऐसा नहीं के मैं रोती नहीं..बिखरती नहीं..टूटती नहीं..पर सलामत रहे मेरे दोस्त..जो हर बार जोड कर मुझे पहले जैसा नया कर देते है !!
*दोस्त बेशक एक हो* *लेकिन ऐसा हो,* *जो अलफाज से ज्यादा* *खामोशी को समझें*
ना किसी से जलते है ना किसी से डरते है हम लड़कियों पर नहीं अपने दोस्तों पर मरते है
जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है
हमने अमीरो से दोस्ती नहीं की दोस्तों से अमीर हुए हैं
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.
ऐसा नहीं के मैं रोती नहीं..बिखरती नहीं..टूटती नहीं..पर सलामत रहे मेरे दोस्त..जो हर बार जोड कर मुझे पहले जैसा नया कर देते है !!
*दोस्त बेशक एक हो* *लेकिन ऐसा हो,* *जो अलफाज से ज्यादा* *खामोशी को समझें*
ना किसी से जलते है ना किसी से डरते है हम लड़कियों पर नहीं अपने दोस्तों पर मरते है
जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है
हमने अमीरो से दोस्ती नहीं की दोस्तों से अमीर हुए हैं
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.