मित्र वो होता है जो आपको जाने और आपको उसी रूप में चाहे

मित्र वो होता है जो आपको जाने और आपको उसी रूप में चाहे

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दोस्त बेशक एक हो लेकिन ऐसा वह जो अल्फाज से ज्यादा खामोशी को समझे

दोस्ती खास लोगों से नहीं होती है, जिनसे एक बार हो जाती है तो वही लोग सबसे खास बन जाते हैं.

जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है

जरूरी नही की रिलेशनशिप ही हो कुछ लोगो की दोस्ती भी प्यार से बढ़कर होती है

ना किसी से जलते है ना किसी से डरते है हम लड़कियों पर नहीं अपने दोस्तों पर मरते है

सच्चे दोस्त कभी गिरने नही देते ।ना किसी की नजरो मै और ना किसी के कदमो मे

दोस्त बेशक एक हो लेकिन ऐसा वह जो अल्फाज से ज्यादा खामोशी को समझे

दोस्ती खास लोगों से नहीं होती है, जिनसे एक बार हो जाती है तो वही लोग सबसे खास बन जाते हैं.

जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है

जरूरी नही की रिलेशनशिप ही हो कुछ लोगो की दोस्ती भी प्यार से बढ़कर होती है

ना किसी से जलते है ना किसी से डरते है हम लड़कियों पर नहीं अपने दोस्तों पर मरते है

सच्चे दोस्त कभी गिरने नही देते ।ना किसी की नजरो मै और ना किसी के कदमो मे