मोहब्बत को धोखा दोस्ती को प्यार मानता हु जो भी भाई बोल दे उसे जिगरी यार मानता हु

मोहब्बत को धोखा दोस्ती को प्यार मानता हु जो भी भाई बोल दे उसे जिगरी यार मानता हु

Share:

More Like This

दोस्त बेशक एक हो लेकिन ऐसा वह जो अल्फाज से ज्यादा खामोशी को समझे

खुदा ने मुझे वफादार दोस्तों से नवाज़ा है याद मैं ना करूँ, तो कोशिश वो भी नहीं करते

सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा

दोस्ती ऐसी होनी चाहिए लोग देखते ही बोले आ गए दोनों आज जाने कोनसा कांड करेंगे

मित्र वो होता है जो आपको जाने और आपको उसी रूप में चाहे

सच्ची दोस्ती एक अच्छे स्वास्थ की तरह है, खोने पर ही उसकी महत्वता पता चलती है

दोस्त बेशक एक हो लेकिन ऐसा वह जो अल्फाज से ज्यादा खामोशी को समझे

खुदा ने मुझे वफादार दोस्तों से नवाज़ा है याद मैं ना करूँ, तो कोशिश वो भी नहीं करते

सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा

दोस्ती ऐसी होनी चाहिए लोग देखते ही बोले आ गए दोनों आज जाने कोनसा कांड करेंगे

मित्र वो होता है जो आपको जाने और आपको उसी रूप में चाहे

सच्ची दोस्ती एक अच्छे स्वास्थ की तरह है, खोने पर ही उसकी महत्वता पता चलती है