कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.
सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा
प्रेम से रहो दोस्तों जरा सी बात पे रूठा नहीं करते...पत्ते वहीं सुन्दर दिखते हैं जो शाख से टूटा नही करते...!!
ज़िन्दगी लम्बी है, दोस्त बनाते रहो, दिल मिले न मिले हाथ मिलाते रहो
ऐसा नहीं के मैं रोती नहीं..बिखरती नहीं..टूटती नहीं..पर सलामत रहे मेरे दोस्त..जो हर बार जोड कर मुझे पहले जैसा नया कर देते है !!
हम वक्त और हालात के साथ ‘शौक’ बदलते हैं, दोस्त नही … !!
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.
सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा
प्रेम से रहो दोस्तों जरा सी बात पे रूठा नहीं करते...पत्ते वहीं सुन्दर दिखते हैं जो शाख से टूटा नही करते...!!
ज़िन्दगी लम्बी है, दोस्त बनाते रहो, दिल मिले न मिले हाथ मिलाते रहो
ऐसा नहीं के मैं रोती नहीं..बिखरती नहीं..टूटती नहीं..पर सलामत रहे मेरे दोस्त..जो हर बार जोड कर मुझे पहले जैसा नया कर देते है !!
हम वक्त और हालात के साथ ‘शौक’ बदलते हैं, दोस्त नही … !!