*दोस्त बेशक एक हो* *लेकिन ऐसा हो,* *जो अलफाज से ज्यादा* *खामोशी को समझें*
दोस्ती ऐसी होनी चाहिए लोग देखते ही बोले आ गए दोनों आज जाने कोनसा कांड करेंगे
सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए
जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है
ना ही तो मेरे पास गर्लफ्रेंड है, और ना ही तो मेरे पास बॉयफ्रेंड है, फिर भी सिंगल नहीं हूँ क्युकि मेरे पास तो मेरी बेस्ट फ्रेंड है ||
*दोस्त बेशक एक हो* *लेकिन ऐसा हो,* *जो अलफाज से ज्यादा* *खामोशी को समझें*
दोस्ती ऐसी होनी चाहिए लोग देखते ही बोले आ गए दोनों आज जाने कोनसा कांड करेंगे
सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए
जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है
ना ही तो मेरे पास गर्लफ्रेंड है, और ना ही तो मेरे पास बॉयफ्रेंड है, फिर भी सिंगल नहीं हूँ क्युकि मेरे पास तो मेरी बेस्ट फ्रेंड है ||