जिंदगी ने जख्म बहुत दिए, लेकिन हरेक को सिल लेता हूं। डार्लिंग तुम आलू उबालो, मैं मटर छील लेता हूं
हल्दी लगाने की उम्र है मेरी और लड़कियाँ चुना लगा कर जा रही है
जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी
काम ऐसा करो की लोग कहें तू रहने दे हम खुद कर लेंगे
पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला
जिंदगी ने जख्म बहुत दिए, लेकिन हरेक को सिल लेता हूं। डार्लिंग तुम आलू उबालो, मैं मटर छील लेता हूं
हल्दी लगाने की उम्र है मेरी और लड़कियाँ चुना लगा कर जा रही है
जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी
काम ऐसा करो की लोग कहें तू रहने दे हम खुद कर लेंगे
पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.
जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला