जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से
इश्क का समंदर भी क्या समंदर है... जो डूब गया वो #आशिक... जो बच गया वो #दीवाना... जो तैरता ही रह गया वह #पति
पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.
इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?
वो खुश रहे बस, मेरा क्या है मैं दूसरी पटा लूँगा
हल्दी लगाने की उम्र है मेरी और लड़कियाँ चुना लगा कर जा रही है
जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से
इश्क का समंदर भी क्या समंदर है... जो डूब गया वो #आशिक... जो बच गया वो #दीवाना... जो तैरता ही रह गया वह #पति
पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.
इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?
वो खुश रहे बस, मेरा क्या है मैं दूसरी पटा लूँगा
हल्दी लगाने की उम्र है मेरी और लड़कियाँ चुना लगा कर जा रही है