इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?

इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?

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ये सोच कर की शायद वो खिड़की से झाँक ले, उसकी गली के बच्चे आपस में लड़ा दिए मैंने

हर वक़्त नया चेहरा, हर वक़्त नया वजूद, इंसान ने आईने को, हैरत में डाल दिया है...!

जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला

जो लोग मेरे दिल मे रहते है कराया दे दो प्लीज

किसी के अंदर ज़्यादा डूबोगे तो टूटना पड़ेगा यकीन न हो तो बिस्कुट से पूछ लो

काम ऐसा करो कि लोग कहे तू रहन दे, मै कर लूगा

ये सोच कर की शायद वो खिड़की से झाँक ले, उसकी गली के बच्चे आपस में लड़ा दिए मैंने

हर वक़्त नया चेहरा, हर वक़्त नया वजूद, इंसान ने आईने को, हैरत में डाल दिया है...!

जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला

जो लोग मेरे दिल मे रहते है कराया दे दो प्लीज

किसी के अंदर ज़्यादा डूबोगे तो टूटना पड़ेगा यकीन न हो तो बिस्कुट से पूछ लो

काम ऐसा करो कि लोग कहे तू रहन दे, मै कर लूगा