जिसको भी देखा रोते हुए देखा... मुझे तो ये मोहब्बत टिशु पेपर कम्पनी की साजिश लगती है
बहुत देखा जीवन में समझदार बन कर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनने पर आयी।
फैन तो हमारे भी बहुत हैं पर सर्दी की वजह से घरवाले चलाने नहीं देते हैं
जिस दिन मेरी गर्लफ्रेंड की एंट्री होगी सबसे पहले मेरे हाथ से चार थप्पड़ खायेगी पगली इतनी लेट एंट्री मारती है
बकवास करते रहना चाहिए मन लगा रहता है
क्या फायदा ऐसी मोहब्बत का... कि मैं उदास रहूँ और तू सोया रहे..
जिसको भी देखा रोते हुए देखा... मुझे तो ये मोहब्बत टिशु पेपर कम्पनी की साजिश लगती है
बहुत देखा जीवन में समझदार बन कर पर ख़ुशी हमेशा पागल बनने पर आयी।
फैन तो हमारे भी बहुत हैं पर सर्दी की वजह से घरवाले चलाने नहीं देते हैं
जिस दिन मेरी गर्लफ्रेंड की एंट्री होगी सबसे पहले मेरे हाथ से चार थप्पड़ खायेगी पगली इतनी लेट एंट्री मारती है
बकवास करते रहना चाहिए मन लगा रहता है
क्या फायदा ऐसी मोहब्बत का... कि मैं उदास रहूँ और तू सोया रहे..