जिंदगी ने जख्म बहुत दिए, लेकिन हरेक को सिल लेता हूं। डार्लिंग तुम आलू उबालो, मैं मटर छील लेता हूं

जिंदगी ने जख्म बहुत दिए, लेकिन हरेक को सिल लेता हूं। डार्लिंग तुम आलू उबालो, मैं मटर छील लेता हूं

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वो तुम्हे डोमिनोस के लिए कहेगी लेकिन तुम भंडारे पर अड़े रहना

क्या फायदा ऐसी मोहब्बत का... कि मैं उदास रहूँ और तू सोया रहे..

जिस दिन मेरी गर्लफ्रेंड की एंट्री होगी सबसे पहले मेरे हाथ से चार थप्पड़ खायेगी पगली इतनी लेट एंट्री मारती है

जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी

जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से

जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला

वो तुम्हे डोमिनोस के लिए कहेगी लेकिन तुम भंडारे पर अड़े रहना

क्या फायदा ऐसी मोहब्बत का... कि मैं उदास रहूँ और तू सोया रहे..

जिस दिन मेरी गर्लफ्रेंड की एंट्री होगी सबसे पहले मेरे हाथ से चार थप्पड़ खायेगी पगली इतनी लेट एंट्री मारती है

जब किस्मत में ही न हो कोई परी तो फिर किस बात की 14 फरवरी

जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से

जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला