जिंदगी ने जख्म बहुत दिए, लेकिन हरेक को सिल लेता हूं। डार्लिंग तुम आलू उबालो, मैं मटर छील लेता हूं

जिंदगी ने जख्म बहुत दिए, लेकिन हरेक को सिल लेता हूं। डार्लिंग तुम आलू उबालो, मैं मटर छील लेता हूं

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जब पता है देने वाला छप्पड़ फाड़ कर देता है तो अम्बुजा सीमेंट से छत्त क्यों बनाये बैठे हो कहाँ से देगा ऊपर वाला

Diabetes का डर इतना बढ़ गया है के मीठा खाना तो छोड़ ही दिया है बल्कि मीठा बोलना भी छोड़ दिया है

किस किस का नाम लें, अपनी बरबादी मेँ; बहुत लोग आये थे दुआयेँ देने शादी मेँ !

इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?

चार बोटल ‪पेपसी‬ ...कार मेरी ‪‎टेक्सी‬..फोन मेरा ‪गेलेक्सी‬..माल मेरा ‪सेक्सी‬ ????

जिसको भी देखा रोते हुए देखा... मुझे तो ये मोहब्बत टिशु पेपर कम्पनी की साजिश लगती है

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