इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी है।
कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना है, भगवान सिर्फ लकीरें देता है, रंग हमें ही भरना है
शिक्षा किसी घटिया प्राणी से भी मिले तो... लेने में संकोच नही करना चाहिए..!!
तुम CRY करने से नही बल्कि TRY करने से कामयाब बनोगे
"निर्मल" रहिए... वरना
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी है।
कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना है, भगवान सिर्फ लकीरें देता है, रंग हमें ही भरना है
शिक्षा किसी घटिया प्राणी से भी मिले तो... लेने में संकोच नही करना चाहिए..!!
तुम CRY करने से नही बल्कि TRY करने से कामयाब बनोगे
"निर्मल" रहिए... वरना
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!