ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी एक जैसे नहीं बनाएं हैं!! हर एक की अपनी मौलिकता है दूसरों से ईर्ष्या रखकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी मौलिकता खोजें इसी में असली आनंद और समाधान है

ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी एक जैसे नहीं बनाएं हैं!! हर एक की अपनी मौलिकता है दूसरों से ईर्ष्या रखकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी मौलिकता खोजें इसी में असली आनंद और समाधान है

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किसी के पैरो मे गिरकर कामयाबी पाने से बेहतर है अपने पैरो पर चलकर कुछ बनने की ठान लो |

किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ​ ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी

मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।

रूठी पत्नी, लुप्त संपत्ति और हाथ से निकली भूमि वापस मिल सकती है, लेकिन मनुष्य जीवन पुनः नहीं मिल सकता, अतः दान-धर्म कर हमें अपना जीवन सफल बनाना चाहिए.

सफलता पहले से की गई तैयारी पर निर्भर है और बिना तैयारी के असफलता निश्चित है

खुद को आप इतना बेहतर बनाएं कि जो कल आप थे,वह आज ना रहें...

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खुद को आप इतना बेहतर बनाएं कि जो कल आप थे,वह आज ना रहें...