अगर कुछ तोड़ना है तो रिकॉर्ड तोड़ो किसी का हौसला नही
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं, जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं।
आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
"व्यक्ति को मारा जा सकता है किन्तु विचारों को नहीं"
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
अगर कुछ तोड़ना है तो रिकॉर्ड तोड़ो किसी का हौसला नही
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं, जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं।
आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
"व्यक्ति को मारा जा सकता है किन्तु विचारों को नहीं"
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।