प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए
हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तो में हार जाना बेहतर है
हमेशा अपना best करो | जो तुम अभी बोते हो उसकी फसल बाद में काटते हो
हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं
ज़िंदगी में समस्या देने वाले की हस्ती कितनी भी बड़ी क्यों न हो.... पर भगवान की "कृपादृष्टि" से बड़ी नहीं हो सकती!!
प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए
हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तो में हार जाना बेहतर है
हमेशा अपना best करो | जो तुम अभी बोते हो उसकी फसल बाद में काटते हो
हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं
ज़िंदगी में समस्या देने वाले की हस्ती कितनी भी बड़ी क्यों न हो.... पर भगवान की "कृपादृष्टि" से बड़ी नहीं हो सकती!!