किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
अच्छाई की शुरुवात खुद से ही करनी पड़ती है क्योंकि तिलक भी दूसरों को लगाने से पहले खुद की उँगली पर लगाना होता है
पूरे की ख्वाहिश में इंसान बहुत कुछ खोता है भूल जाता है की आधा चांद भी खूबसूरत होता है
मुश्किलें दिलों के इरादों को आजमाएंगी, आँखों के पर्दों को निगाहों से हटाएँगी, गिरकर भी हम को संभलना होगा, ये ठोकरें ही हमको चलना सिखाएंगी।
किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
अच्छाई की शुरुवात खुद से ही करनी पड़ती है क्योंकि तिलक भी दूसरों को लगाने से पहले खुद की उँगली पर लगाना होता है
पूरे की ख्वाहिश में इंसान बहुत कुछ खोता है भूल जाता है की आधा चांद भी खूबसूरत होता है
मुश्किलें दिलों के इरादों को आजमाएंगी, आँखों के पर्दों को निगाहों से हटाएँगी, गिरकर भी हम को संभलना होगा, ये ठोकरें ही हमको चलना सिखाएंगी।