यह सोचकर हमेशा खुश रहो खुश रहो; जो था; अच्छा था जो बाकी है वह बेहतर है और जो आगे चलकर मिलेगा वह बेहतरीन होगा..
अपनी बातों को सदैव ध्यानपूर्वक कहे क्योंकि हम तो कहकर भूल जाते है, लेकिन लोग उसे याद रखते है।
प्रत्येक "इन्सान" अपनी जुबान के पीछे छुपा होता है, अगर उसे समझना चाहते हो तो उसको बोलने दो.
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
प्रॉब्लम सब के लिए एक जैसी हैं सिर्फ Attitude ही उसे अलग बनाता हैं
एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता
यह सोचकर हमेशा खुश रहो खुश रहो; जो था; अच्छा था जो बाकी है वह बेहतर है और जो आगे चलकर मिलेगा वह बेहतरीन होगा..
अपनी बातों को सदैव ध्यानपूर्वक कहे क्योंकि हम तो कहकर भूल जाते है, लेकिन लोग उसे याद रखते है।
प्रत्येक "इन्सान" अपनी जुबान के पीछे छुपा होता है, अगर उसे समझना चाहते हो तो उसको बोलने दो.
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
प्रॉब्लम सब के लिए एक जैसी हैं सिर्फ Attitude ही उसे अलग बनाता हैं
एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता