"बदलना" ख़राब नहीं हैं , ख़राब हैं बदल कर , पहले से "बदतर" हो जाना
किसी को ज्ञान उतना ही दो जितना वो समझ सके, क्योंकि बाल्टी भरने के बाद नल ना बंद करने से पानी व्यर्थ हो जाता है
सिर्फ आसमान छू लेना ही कामयाबी नहीं है असली कामयाबी तो वो है कि आसमान भी छू लो, और पाँव भी ज़मीन पर हों
अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग
पहचान से मिला काम थोड़े समय तक ही टिकता है लेकिन काम से मिली "पहचान" उम्र भर रहती है।
हो सके तो कभी किसी से जलना मत क्योंकि ऊपर वाला जिसे देता है उसे अपने खजाने में से देता है तुमसे छीन के नही देता
"बदलना" ख़राब नहीं हैं , ख़राब हैं बदल कर , पहले से "बदतर" हो जाना
किसी को ज्ञान उतना ही दो जितना वो समझ सके, क्योंकि बाल्टी भरने के बाद नल ना बंद करने से पानी व्यर्थ हो जाता है
सिर्फ आसमान छू लेना ही कामयाबी नहीं है असली कामयाबी तो वो है कि आसमान भी छू लो, और पाँव भी ज़मीन पर हों
अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग
पहचान से मिला काम थोड़े समय तक ही टिकता है लेकिन काम से मिली "पहचान" उम्र भर रहती है।
हो सके तो कभी किसी से जलना मत क्योंकि ऊपर वाला जिसे देता है उसे अपने खजाने में से देता है तुमसे छीन के नही देता