पहचान से मिला काम थोड़े समय तक ही टिकता है लेकिन काम से मिली "पहचान" उम्र भर रहती है।
जीवन की सबसे बड़ी गलती वही होती है जिस गलती से हम कुछ सिख नही पाते है
अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है
सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।
जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है
दिल में बुराई रखने से बेहतर है, की नाराजगी जाहिर कर दो
पहचान से मिला काम थोड़े समय तक ही टिकता है लेकिन काम से मिली "पहचान" उम्र भर रहती है।
जीवन की सबसे बड़ी गलती वही होती है जिस गलती से हम कुछ सिख नही पाते है
अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है
सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।
जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है
दिल में बुराई रखने से बेहतर है, की नाराजगी जाहिर कर दो