उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है
संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही
समझदार व्यक्ति अपनी समझदारी की वजह से चुप हो जाता है और मूर्ख को लगता है कि मेरे डर की वजह से चुप हो गया
अगर आप किसी की सफ़लता से खुश नहीं होते तो आप कभी सफ़ल नही हो सकते
देख लेना ज़िन्दगी में मेहनत से मिले फल का स्वाद क़िस्मत से मिले फल के स्वाद से ज़्यादा मीठा लगेगा
कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..
उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है
संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही
समझदार व्यक्ति अपनी समझदारी की वजह से चुप हो जाता है और मूर्ख को लगता है कि मेरे डर की वजह से चुप हो गया
अगर आप किसी की सफ़लता से खुश नहीं होते तो आप कभी सफ़ल नही हो सकते
देख लेना ज़िन्दगी में मेहनत से मिले फल का स्वाद क़िस्मत से मिले फल के स्वाद से ज़्यादा मीठा लगेगा
कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..