सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम,
आप चाहकर भी लोगो की अपने प्रति लोगो की धारणा नही बदल सकते इसलिए
किसी भी कार्य में पल भर का भी विलम्ब न करें।
जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की
जिस काम में काम करने की हद पार ना हो फिर वो काम किसी काम का नही
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम,
आप चाहकर भी लोगो की अपने प्रति लोगो की धारणा नही बदल सकते इसलिए
किसी भी कार्य में पल भर का भी विलम्ब न करें।
जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की
जिस काम में काम करने की हद पार ना हो फिर वो काम किसी काम का नही
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है