जिन्हें बुलाना पड़े, समझ लो कि वो दूर है
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
जीवन तब सबसे ज्यादा सुहाना लगने लगता है जब हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते है
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!
मैं सब जानता हूँ यही सोच इंसान को कुएँ का मेंढक बना देती है।
अगर "बुरे वक्त" में कोई आकर यह "कह" दे कि.. "चिंता मत करो" मैं तुम्हारे "साथ" हूँ! तो बस ये "शब्द" ही "व्यक्ति" के लिए "औषधि" बन जाते हैं ..!!
जिन्हें बुलाना पड़े, समझ लो कि वो दूर है
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
जीवन तब सबसे ज्यादा सुहाना लगने लगता है जब हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते है
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!
मैं सब जानता हूँ यही सोच इंसान को कुएँ का मेंढक बना देती है।
अगर "बुरे वक्त" में कोई आकर यह "कह" दे कि.. "चिंता मत करो" मैं तुम्हारे "साथ" हूँ! तो बस ये "शब्द" ही "व्यक्ति" के लिए "औषधि" बन जाते हैं ..!!