क्वांटिटी के चक्कर में कभी ना जाएं क्योंकि नई मूंगफली के बाजार में आने से बादाम के दाम नहीं गिरते ।
"सार्वजनिक" रूप से की गई "आलोचना" अपमान में बदल जाती है और .... "एकांत" में बताने पर "सलाह" बन जाती है...!!
तनाव से केवल समस्याएं जन्म ले सकती है समाधान खोंजने है तो मुस्कुराना ही पड़ेगा
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
यदि आप अमीर होने की अनुभूति चाहते हैं तो उन वस्तुओं पर विचार करें जो जिन्हें पैसे से नहीं खरीदा जा सकता है
रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
क्वांटिटी के चक्कर में कभी ना जाएं क्योंकि नई मूंगफली के बाजार में आने से बादाम के दाम नहीं गिरते ।
"सार्वजनिक" रूप से की गई "आलोचना" अपमान में बदल जाती है और .... "एकांत" में बताने पर "सलाह" बन जाती है...!!
तनाव से केवल समस्याएं जन्म ले सकती है समाधान खोंजने है तो मुस्कुराना ही पड़ेगा
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
यदि आप अमीर होने की अनुभूति चाहते हैं तो उन वस्तुओं पर विचार करें जो जिन्हें पैसे से नहीं खरीदा जा सकता है
रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,